National – CT News https://ctnews.in News Portal Wed, 25 Feb 2026 04:33:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://ctnews.in/wp-content/uploads/2024/07/cropped-CT_NEWS_LOGO-32x32.png National – CT News https://ctnews.in 32 32 नाबार्ड ने उत्तराखंड स्टेट क्रेडिट सेमिनार में जारी किया ‘स्टेट फोकस पेपर 2026–27’ https://ctnews.in/nabard-releases-state-focus-paper-2026-27-at-uttarakhand-state-credit-seminar/ https://ctnews.in/nabard-releases-state-focus-paper-2026-27-at-uttarakhand-state-credit-seminar/#respond Wed, 25 Feb 2026 04:33:33 +0000 https://ctnews.in/?p=58161

देहरादून :

  • मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का विमोचन

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आज स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026–27 का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्टेट फोकस पेपर (SFP) 2026–27 का औपचारिक विमोचन किया गया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹65,916 करोड़ की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता का आकलन प्रस्तुत किया गया—जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले 20.51% की वृद्धि है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन थे। कार्यक्रम में डॉ. एस.एन. पांडे (सचिव–कृषि), डॉ अहमद इक़बाल (सचिव–सहकारिता), श्री नवनीत पाण्डेय (अपर सचिव-वित्त), भारतीय रिज़र्व बैंक के महाप्रबंधक, SLBC, PNB, SBI सहित विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों, राज्य सहकारी बैंक, जिला मध्यवर्ती बैंक के सदस्य, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी तथा कृषक उत्पादक संघटनों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य आदि उपस्थित रहे।
वन संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक—“वन अम्मा” के नाम से प्रसिद्ध श्रीमती भगिरथी देवी—की उपस्थिति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन का वक्तव्य
मुख्य सचिव ने हर वर्ष स्टेट फोकस पेपर जारी करने के लिए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अवसंरचना सहायता के अतिरिक्त नाबार्ड द्वारा क्रियान्वित विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भी नाबार्ड की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आजीविका संबंधी चुनौतियों, पर्वतीय क्षेत्रों से निरंतर हो रहे पलायन, अवसंरचना की कमी तथा जल-संबंधी समस्याओं जैसे गंभीर मुद्दों को संबोधित करने हेतु की जा रही निरंतर पहलों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने उल्लेख किया कि इन प्रयासों के बावजूद, राज्य का क्रेडिट–डिपॉज़िट (CD) अनुपात अभी भी अत्यंत निम्न स्तर पर है, जो आर्थिक विकास की गति को प्रभावित करता है और विभिन्न विकास कार्यक्रमों के प्रभाव को सीमित कर देता है।
उन्होने यह भी रेखांकित किया कि यद्यपि उत्तराखंड ने अब तक 29 भौगोलिक संकेतक (GI) उत्पाद प्राप्त किए हैं, लेकिन इन पारंपरिक उत्पादों से जुड़े स्थानीय उत्पादकों एवं समुदायों को अभी तक अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल पाए हैं।
आगे की दिशा बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों में बैंकों की सक्रिय भूमिका और गहन भागीदारी अत्यावश्यक है, जिससे सतत आजीविका अवसर सुनिश्चित हो सकें और विकास पहलों का लाभ वास्तव में जमीनी स्तर तक पहुँचे।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) पंकज यादव का संबोधन
मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव ने बताया कि नाबार्ड को ग्रामीण समृद्धि को सक्षम करने वाले एक मजबूत विकासात्मक इकोसिस्टम के रूप में पहचान मिल रही है—जो नवाचार, समावेशन और सतत विकास को बहु-क्षेत्रीय स्तर पर आगे बढ़ा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के संदर्भ में उन्होंने कृषि समुदाय को सशक्त करने, आजीविका को मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा देने हेतु नाबार्ड की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
उन्होंने जानकारी दी कि—
चंपावत जिले में वन पंचायतों के सहयोग से एक पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके तहत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका उन्नयन का समुदाय आधारित मॉडल विकसित किया जाएगा।
इसी प्रकार उत्तरकाशी में एक परियोजना शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिला किसानों की मेहनत को कम करना है। इसके तहत उपयुक्त कृषि उपकरण उपलब्ध कराकर गरिमा, परिचालन क्षमता और उत्पादकता में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
CGM ने उल्लेख किया कि—
Agri Stack का कार्यान्वयन जमीनी स्तर पर ऋण प्रवाह को सहज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे किसान डेटा का एकीकरण, लक्षित लाभार्थी पहचान और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
कृषि अवसंरचना निधि (AIF) को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ किए जाने से उत्तराखंड को कृषि अवसंरचना एवं वैल्यू एडिशन सुविधाओं में निवेश बढ़ाने के बड़े अवसर प्राप्त होंगे।
e-KCC का प्रभावी क्रियान्वयन ऋण वितरण को आधुनिक बनाने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और किसानों को समयबद्ध एवं परेशानी-मुक्त ऋण सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर राज्य में एक लचीली, प्रौद्योगिकी-संचालित और किसान-केंद्रित कृषि प्रणाली के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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“वन-अम्मा” का संबोधन
चम्पावत जिले के मनर गाँव की भगिरथी देवी, जिन्हें पूरे क्षेत्र में स्नेहपूर्वक “वन-अम्मा” के नाम से जाना जाता है, ने संगोष्ठी के दौरान महिला-नेतृत्वयुक्त वन संरक्षण के अपने उल्लेखनीय अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जंगलों की रक्षा उनके लिए प्रेम और ज़िम्मेदारी का एक मिशन रहा है। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से “वन-अम्मा” ने 12 हेक्टेयर बंजर भूमि को पुनर्जीवित किया और उन प्राकृतिक जलस्रोतों को बहाल किया जो लंबे समय से सूख रहे थे। उन्होंने अनुभव साझा किया कि जंगलों के पुनर्जीवन ने न केवल हरियाली लौटाई, बल्कि खेती और घरेलू उपयोग के लिए कई गाँवों में विश्वसनीय जल उपलब्धता भी सुनिश्चित की।
संगोष्ठी के दौरान NABARD द्वारा समर्थित एफपीओ, जनजातीय विकास परियोजनाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने भी अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए।
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स्टेट फोकस पेपर 2026–27 की प्रमुख झलक
कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता — ₹65,916 करोड़
कृषि क्षेत्र – ₹23,248.82 करोड़
एमएसएमई (MSME) – ₹36,761.17 करोड़
अन्य प्राथमिक क्षेत्र – ₹5,906.27 करोड़
SFP, जिला-स्तरीय PLP के आधार पर तैयार किया गया है और यह बैंकों एवं विभागों के लिए राज्य के विकास की दिशा में एक रणनीतिक मार्गदर्शक का कार्य करेगा।
नाबार्ड की प्रतिबद्धता
नाबार्ड द्वारा जलवायु-अनुकूल कृषि, सहकारी क्षेत्र का डिजिटलीकरण, ग्रामीण अवसंरचना निधि, MSME संवर्द्धन, FPO समर्थन, SHG सशक्तिकरण तथा डिजिटल वित्तीय समावेशन जैसे अनेक क्षेत्रों में निरंतर प्रयास जारी हैं।
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नई दिल्ली में हुई बैठक में मुख्यमंत्री धामी और केंद्रीय मंत्री पाटिल ने महाकुंभ व नमामि गंगे योजनाओं पर विचार किया। https://ctnews.in/in-a-meeting-held-in-new-delhi-chief-minister-dhami-and-union-minister-patil-discussed-the-mahakumbh-and-namami-gange-schemes/ https://ctnews.in/in-a-meeting-held-in-new-delhi-chief-minister-dhami-and-union-minister-patil-discussed-the-mahakumbh-and-namami-gange-schemes/#respond Tue, 24 Feb 2026 04:38:25 +0000 https://ctnews.in/?p=58146

देहरादून /  नई दिल्ली :  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके दृष्टिगत गंगा की निर्मलता, स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों हेतु ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त राशि जारी करने करने के साथ ही इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल एवं जगजीतपुर नहर की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे असिंचित भूमि की सिंचाई के लिए 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध हो सकेगा। जिससे हरिद्वार जिले के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना से लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। साथ ही क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान भी होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के लक्ष्य को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

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खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को दिया जाएगा उद्योग का दर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव https://ctnews.in/food-processing-units-will-be-given-industry-status-chief-minister-dr-yadav/ https://ctnews.in/food-processing-units-will-be-given-industry-status-chief-minister-dr-yadav/#respond Mon, 23 Feb 2026 02:47:56 +0000 https://ctnews.in/?p=58137

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश दलहन एवं तिलहन उत्पादन में भी देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर प्रयास कर रही है। उन्होंने निवेशकों का आह्वान करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना में निवेश करें, राज्य शासन द्वारा हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित ग्लोबल काबुली चना कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि आधारित उद्योग बढ़ाने सहित खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा और इसके लिए शासन की ओर से पूर्ण सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चना भारतीय भोजन का अभिन्न हिस्सा है और विशेष रूप से शाकाहारी समाज के लिए यह पोषण का बड़ा स्रोत है। दुनिया में दाल उत्पादन और उपभोग में भारत अग्रणी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित संरक्षण और कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं और वैश्विक स्तर पर भी किसानों का पक्ष मजबूती से रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 5 वर्ष का रोडमैप तैयार किया है। उद्योग स्थापना के लिए नियमों का सरलीकरण किया गया है। भूमि, बिजली, पानी और करों में रियायत दी जा रही है। श्रम आधारित उद्योगों के लिए प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक सहायता का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य के बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के बाद प्रदेश में सिंचाई के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ी है और किसानों की आय में सुधार हो रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का सम्मान किया। समिट में देश-विदेश के प्रतिनिधि, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, श्री गौरव रणदीवे, श्री सावन सोनकर, श्री सुमित मिश्रा, श्री जयपाल सिंह चावड़ा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री धामी ने फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने के निर्देश दिए https://ctnews.in/chief-minister-dhami-has-given-instructions-to-make-the-film-godaan-tax-free-in-uttarakhand/ https://ctnews.in/chief-minister-dhami-has-given-instructions-to-make-the-film-godaan-tax-free-in-uttarakhand/#respond Sat, 07 Feb 2026 14:14:38 +0000 https://ctnews.in/?p=57988

 देहरादून  :     मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसान परंपरा, ग्रामीण जीवन और गोवंश के महत्व पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने के निर्देश दिए हैं। यह फिल्म 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और समाज को भारतीय संस्कृति व परंपराओं से जोड़ने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय केवल धर्म और आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। इस तरह की फिल्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता विकसित होती है, इसलिए ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में गोसदनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे निराश्रित और बेसहारा गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। साथ ही गोपालकों और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों और रचनात्मक प्रयासों को भविष्य में भी प्रोत्साहन देती रहेगी।
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सप्तऋषि, हरिद्वार स्थित भारत माता मंदिर में आयोजित समाधि मूर्ति स्थापना का तीन दिवसीय समारोह शुक्रवार को संपन्न हुआ। https://ctnews.in/the-three-day-ceremony-for-the-installation-of-the-samadhi-idol-at-the-bharat-mata-temple-in-saptarishi-haridwar-concluded-on-friday/ https://ctnews.in/the-three-day-ceremony-for-the-installation-of-the-samadhi-idol-at-the-bharat-mata-temple-in-saptarishi-haridwar-concluded-on-friday/#respond Sat, 07 Feb 2026 14:02:46 +0000 https://ctnews.in/?p=57982

उत्तराखंड / हरिद्वार    :         हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर समाधि मंदिर एवं प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।
समारोह के समापन अवसर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक तथा जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर श्री अवधेशानंद गिरि महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य अतिथियों ने गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक नेतृत्व उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा तथा मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने गंगा तट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए ऋषि-मुनियों की स्मृतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, किंतु उनकी साधना, विचार और जीवन दर्शन आज भी समाज को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके जीवन मूल्यों और विचारधारा को पुनः जागृत करने का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। यहीं से भारतीय संस्कृति की अखंड धारा प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक जड़ों की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। यदि संस्कृति कमजोर होती है तो राष्ट्र भी कमजोर हो जाता है। उन्होंने सनातन संस्कृति, अद्वैत वेदांत, भक्ति परंपरा और गुरु-शिष्य संवाद को भारत की आत्मा बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ जाएं तो राष्ट्र को कोई भी कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए देश की अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लेने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने आध्यात्मिक साधना को समाज सेवा से जोड़कर एक विशिष्ट जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। भारत माता मंदिर की स्थापना के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक गौरव को मूर्त रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है तथा उत्तराखंड विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल मूल्य थे। उन्होंने भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह मंदिर जाति, क्षेत्र और भाषा की सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधता है।
हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारत माता मंदिर की स्थापना एक दूरदर्शी राष्ट्र मंदिर की अवधारणा के साथ की गई थी, जिसे आज और अधिक सशक्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने चार धाम मार्गों पर चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाले चिकित्सकों की सराहना करते हुए इसे सच्ची राष्ट्र सेवा बताया।
विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी राष्ट्र, धर्म और मानव चेतना के अमर पथ प्रदर्शक थे। उनका संपूर्ण जीवन सनातन संस्कृति, राष्ट्र धर्म और मानव कल्याण को समर्पित रहा।
भारत सरकार के ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि संत समाज से उन्हें सदैव प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। उन्होंने इस आयोजन में सम्मिलित होने को सौभाग्य बताया।
कार्यक्रम में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर श्री अवधेशानंद गिरि महाराज, कार्ष्णि पीठाधीश्वर स्वामी गुरु शरणानंद जी महाराज, उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री बृजेश पाठक, हरिद्वार सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने गायत्री परिवार के कार्यों की प्रशंसा की। https://ctnews.in/at-the-event-held-in-haridwar-amit-shah-praised-the-work-of-the-gayatri-parivar/ https://ctnews.in/at-the-event-held-in-haridwar-amit-shah-praised-the-work-of-the-gayatri-parivar/#respond Thu, 22 Jan 2026 16:55:05 +0000 https://ctnews.in/?p=57828

हरिद्वार / उत्तराखंड :

  • भारतीय परंपराओं में निहित हैं विश्व की समस्याओं का समाधान-गृह मंत्री
  • गायत्री परिवार आध्यात्मिक जागरण का कर रहा है कार्य-मुख्यमंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरूवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना की तथा आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में विश्व की समस्याओं का समाधान निहित है।

गृह मंत्री ने कहा कि  श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। श्री शाह ने आचार्य जी के संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

गृह मंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि हरिद्वार में कदम रखते ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है और गायत्री मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव, राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण की चेतना को जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं से आत्म-सुधार को सबसे बड़ी सामाजिक सेवा मानकर इसे जीवन में अपनाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार एक वट वृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुँचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है।

अखिल विश्व गायत्री परिवार से डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज से विमुख होना नहीं, बल्कि समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म रक्षा जरूरी हैं।

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, विधायक मदन कौशिक सहित देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में गायत्री साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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सीएम धामी मदनपल्ली में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी प्रतिमा अनावरण समारोह में शामिल हुए। https://ctnews.in/cm-dhami-attended-the-atal-bihari-vajpayee-statue-unveiling-ceremony-held-in-madanapalle/ https://ctnews.in/cm-dhami-attended-the-atal-bihari-vajpayee-statue-unveiling-ceremony-held-in-madanapalle/#respond Sun, 14 Dec 2025 13:35:33 +0000 https://ctnews.in/?p=57645

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ली में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ में प्रतिभाग किया और जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आंध्र प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित इस यात्रा में उपस्थित होकर वह स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, ग्राम सड़क योजना और दूरसंचार क्रांति जैसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। देश में गठबंधन सरकार का सफल कार्यकाल पूरा कर उन्होंने यह साबित किया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति हो, तो सभी दल एकजुट होकर कार्य कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनने के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष और अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के 99 प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण हेतु अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं — अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक तथा बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक उन्मूलन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और वक्फ संशोधन जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त आधार मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि पोलावरम परियोजना, औद्योगिक शहरों, नाइट विज़न फैक्ट्री, सेमीकंडक्टर इकाई आदि के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की प्रेरणा से ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़े कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बड़ोदरा के साधली में राजनाथ सिंह संग सरदार@150 यूनिटी मार्च के कार्यक्रम में सहभागिता की। https://ctnews.in/cm-pushkar-singh-dhami-participated-in-the-sardar150-unity-march-program-with-rajnath-singh-in-sadhali-vadodara/ https://ctnews.in/cm-pushkar-singh-dhami-participated-in-the-sardar150-unity-march-program-with-rajnath-singh-in-sadhali-vadodara/#respond Tue, 02 Dec 2025 13:46:49 +0000 https://ctnews.in/?p=57582

देहरादून :  मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को समस्त उत्तराखंडवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और अटूट समर्पण से अखंड भारत का सपना साकार किया। मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में अन्याय के विरुद्ध उनके द्वारा किए गए संघर्ष ने उन्हें भारत में लोकप्रिय बनाया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र-सेवा के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल ने संवाद, प्रेम, दृढ़ता और निर्भीकता का परिचय देते हुए 562 रियासतों को भारत में मिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री द्वारा सरदार पटेल की प्रेरणा से एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मंत्र के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर सरदार पटेल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी  के एक देश, एक विधान, एक संविधान के संकल्प को साकार किया है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। साथ ही सरदार पटेल के जन्म दिवस पर देश में रन फॉर यूनिटी का आयोजन कर युवाओं को सरदार पटेल के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा सरदार@150 यूनिटी मार्च के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में भी एकता यात्रा का आयोजन किया। मुख्यमंत्री ने बताया उन्होंने स्वयं चार प्रमुख स्थानों पर एकता यात्रा में प्रतिभाग किया है। एकता यात्रा के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्ति, योग और स्वास्थ्य जैसे विषयों से जोड़ने के साथ सहकारिता मेलों का आयोजन कर स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार  प्रसार की दिशा में भी कार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया एकता यात्रा के दौरान ग्राम सभाओं में जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान भी किया गया। विभिन्न गाँवों में सरदार उपवन विकसित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा सरदार पटेल की प्रेरणा और  प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार ने सभी नागरिको के लिए एक समान अधिकार और कानून लागू करने के उद्देश्य से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार द्वारा सरदार@150 यूनिटी मार्च का आयोजन कर सरदार पटेल के एकता और समरसता के संदेश को देशभर में पहुंचाने का कार्य किया गया। इस अभियान को पूरे देश में उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने सभी आग्रह करते हुए कहा कि सरदार पटेल के आदर्शों का अनुसरण करते हुए देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है। साथ ही  उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जाति, क्षेत्र,संप्रदाय और भाषा से ऊपर उठकर भारतवर्ष को मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करना है।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, एवं अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘मन की बात’ संबोधन में उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को प्रमोट किया। https://ctnews.in/prime-minister-modi-promoted-winter-tourism-in-uttarakhand-in-his-mann-ki-baat-address/ https://ctnews.in/prime-minister-modi-promoted-winter-tourism-in-uttarakhand-in-his-mann-ki-baat-address/#respond Mon, 01 Dec 2025 07:42:41 +0000 https://ctnews.in/?p=57557

  • प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में की उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की ब्रॉडिंग
  • रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ढाई मिनट का अंश उत्तराखंड पर केंद्रित रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रति अपने विशेष स्नेह को प्रकट करते हुए राज्य में विंटर टूरिज्म, साहसिक खेलों, वेडिंग डेस्टिनेशन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए, देशवासियों से सर्दियों के सीजन में हिमालय की वादियों का अनुभव लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी, उत्तराखंड टूरिज्म के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात” कार्यक्रम में करीब ढाई मिनट उत्तराखंड को समर्पित किए। उन्होंने कहा कि इन दिनों उत्तराखंड का विंटर टूरिज्म लोगों को खूब लुभा रहा है। सर्दियों के मौसम में औली, मुनस्यारी, दयारा, चोपता जैसी जगहें लोकप्रिय हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले ही पिथौरागढ़ में साढ़े 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई ऑल्टीट्यूट अल्ट्रा रन मैराथन आयोजित की गई, जिसमें देशभर के 18 राज्यों से 750 से अधिक एथिलीट ने भाग लिया। 60 किमी लंबी आदि कैलाश परिक्रमा रन का प्रारंभ कड़कड़ाती ठंड में सुबह पांच बजे हुआ, इतनी ठंड के बावजूद प्रतिभागियों का उत्साद देखते ही बनता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तीन साल पहले तक आदि कैलाश की यात्रा पर प्रतिवर्ष मात्र दो हजार लोग ही आते थे, अब यह संख्या 30 हजार तक पहुंच गई है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुछ ही हफ्तों में उत्तराखंड विंटर गेम्स का भी आयोजन करने जा रहा है, जिसमें प्रतिभाग करने के लिए देशभर के खिलाड़ी, एडवेंचर प्रेमी और खेलों से जुड़े लोग उत्साहित हैं। उन्होंने उत्तराखंड में बढ़ती पर्यटन आधारभूत सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने विंटर टूरिज्म को बढावा देने के लिए कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष तौर पर फोकस किया है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने होम स्टे के लिए नई पॉलिसी भी बना दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में डेस्टिनेशन वेडिंग की ब्रांडिंग करते हुए कहा कि सर्दियों की सुनहरी धूप और पहाड़ों से उतरते कोहरे के बीच, उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी लोकप्रिय हो रहा है। खासकर गंगा जी के किनारे अब खूब डेस्टिनेशन वेडिंग हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि वो, सर्दियों में कहीं जाने का विचार कर रहे हैं तो हिमालय की वादियों को अपने विकल्प के रूप में जरूर शामिल करें, हिमालय की वादियां आपको जीवनभर साथ चलने वाली अनुभूतियों से भर देंगी।

पीएम के दौरे से बढ़ा पर्यटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन हर बार, यहां के पर्यटन को नई गति प्रदान कर जाता है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ, आदि कैलाश और जागेश्वर धाम की यात्रा पर आ चुके हैं, जिसके बाद इन तीर्थ स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। इसी तरह प्रधानमंत्री गत वर्ष उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन का शुभारंभ करने उत्तरकाशी के मुखबा गांव में पहुंचे, इसके बाद से पूरी हर्षिल घाटी में पर्यटन गतिविधियों में तेजी नजर आ रही है। जिससे स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

धामी सरकार के कार्यों पर पीएम की मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में गत वर्ष से सरकार शीतकालीन यात्रा भी संचालित कर रही है। सरकार राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन को भी बढ़ावा दे रही है, अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए, एक तरह से धामी सरकार के कार्यों पर अपनी सकारात्मक मुहर लगा दी है।

देवभूमि उत्तराखंड के सतत विकास और संभावनाओं को विश्व पटल पर रेखांकित करने के लिए समस्त प्रदेशवासी आदरणीय प्रधानमंत्री जी के आभारी हैं। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के संकल्प के अनुसार उत्तराखंड को प्राकृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर उभारने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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उत्तराखंड खनन सुधार में देश का नंबर-1 राज्य, केंद्र ने फिर दी ₹100 करोड़ की बड़ी सौगात https://ctnews.in/uttarakhand-is-the-number-one-state-in-the-country-in-mining-reforms-the-centre-has-again-given-a-big-gift-of-%e2%82%b9100-crore/ https://ctnews.in/uttarakhand-is-the-number-one-state-in-the-country-in-mining-reforms-the-centre-has-again-given-a-big-gift-of-%e2%82%b9100-crore/#respond Thu, 20 Nov 2025 02:41:10 +0000 https://ctnews.in/?p=57512

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने खनन क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 की विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत राज्य को माइनर मिनरल्स रिफॉर्म्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ₹100 करोड़ की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में SMRI रैंकिंग में दूसरा स्थान मिलने पर भी राज्य को ₹100 करोड़ मिले थे। इस प्रकार कुल ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उत्तराखंड को प्राप्त हो चुकी है।

केंद्र के खनन मंत्रालय द्वारा 18 नवंबर 2025 को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, उत्तराखंड ने 7 में से 6 प्रमुख सुधार मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसके चलते खनन सुधारों में राज्य को देश में पहला स्थान मिला है। यह प्रदर्शन नागालैंड और जम्मू-कश्मीर जैसे अन्य राज्यों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ रहा।

राज्य सरकार की पारदर्शी, व्यवसाय-हितैषी और तकनीक आधारित खनन नीतियों ने सरकारी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। खनन विभाग के सुदृढ़ प्रबंधन ने न केवल राजस्व बढ़ाया है, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार देने, उद्यमियों को लाभ पहुँचाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अहम भूमिका निभाई है। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री भी अब सस्ते दाम पर उपलब्ध हो रही है, जिससे विकास परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।

केंद्र सरकार ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि उत्तराखंड खनन सुधारों को सबसे तेज़ और प्रभावी तरीके से लागू कर रहा है, इसलिए राज्य को यह अतिरिक्त राशि जारी की गई है। खनन पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए ई-निलामी, सैटेलाइट मॉनिटरिंग, और सख्त एंटी-इल्लीगल माइनिंग अभियान जैसे कदमों की देशभर में सराहना की जा रही है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य भी उत्तराखंड की खनन नीतियों से प्रेरणा ले रहे हैं।

इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि धामी सरकार की नीतियाँ खनन क्षेत्र को राजस्व का मजबूत स्तंभ बना रही हैं। समयबद्ध सुधार, पर्यावरणीय सावधानी और पारदर्शिता की नीति ने उत्तराखंड को देश के खनन मानचित्र पर एक विश्वसनीय मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है।

“प्रदेश में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई-निलामी प्रणाली, सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसे मजबूत कदम उठाए गए हैं। अवैध खनन पर सख्ती के सकारात्मक परिणाम साफ दिख रहे हैं।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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