National – CT News https://ctnews.in News Portal Wed, 16 Sep 2026 15:44:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://ctnews.in/wp-content/uploads/2024/07/cropped-CT_NEWS_LOGO-32x32.png National – CT News https://ctnews.in 32 32 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 दशक पुरानी किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति https://ctnews.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b/ https://ctnews.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8b/#respond Wed, 16 Sep 2026 15:44:39 +0000 https://ctnews.in/?p=69898

  • केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में किशाऊ परियोजना पर छह राज्यों का ऐतिहासिक MoU

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित इस परियोजना के लिए हुआ यह समझौता जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल तथा यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन केवल एक समझौते पर हस्ताक्षर का अवसर नहीं, बल्कि लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बढ़ाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से भारत सरकार सहित सभी सहभागी राज्य सरकारों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी। इतने लंबे समय में परियोजना को आगे बढ़ाने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दशकों से लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में 16 जून 2026 की बैठक में किशाऊ परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अड़चनों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके बाद केंद्र एवं सहभागी राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय से परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई और आज MoU पर हस्ताक्षर के साथ इसे औपचारिक रूप दिया गया है।

राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ कोई सामान्य बांध परियोजना नहीं है, बल्कि यह जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल और यमुना के पुनर्जीवीकरण से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना है।

उन्होंने कहा कि परियोजना से लगभग 1562 MCM क्षमता का विशाल जलाशय बनेगा तथा 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पूरे अपर यमुना बेसिन को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना केवल एक राज्य या क्षेत्र की परियोजना नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय सहयोग और सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है। केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों तथा सहभागी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से दशकों से लंबित परियोजना को अब निर्णायक गति मिली है।

प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी सामने आएंगी। परियोजना से प्रभावित परिवारों का उचित, संवेदनशील एवं सम्मानजनक पुनर्वास उत्तराखण्ड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी।

क्षतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए लगभग 2500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी। इसके कारण क्षतिपूरक वनीकरण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे वनाच्छादित और पर्वतीय राज्य के लिए इतनी बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसलिए उन्होंने भारत सरकार तथा सभी सहभागी राज्यों से अनुरोध किया कि क्षतिपूरक वनीकरण के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित करने में उत्तराखण्ड को सहयोग प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा परियोजना से जुड़े सभी पर्यावरणीय एवं वन संबंधी प्रावधानों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में सभी सहभागी राज्य किशाऊ परियोजना को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि आज हुआ MoU हस्ताक्षर केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत का ऐतिहासिक पड़ाव है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना के क्रियान्वित होने से जल उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा उत्पादन और यमुना के पुनर्जीवीकरण को नई गति मिलेगी तथा अपर यमुना बेसिन के राज्यों के विकास को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा केंद्रीय मंत्रिगणों, सहभागी राज्य सरकारों एवं उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा https://ctnews.in/union-education-minister-dharmendra-pradhan-resigned-from-his-post/ https://ctnews.in/union-education-minister-dharmendra-pradhan-resigned-from-his-post/#respond Sat, 25 Jul 2026 09:40:45 +0000 https://rantraibaar.in/union-education-minister-dharmendra-pradhan-resigned-from-his-post/

इस्तीफे के बाद बोले धर्मेंद्र प्रधान: “छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे”

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को लेकर जारी विवाद और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। चौतरफा दबाव के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर उठ रहे सवालों के बीच उनके इस्तीफे को जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि विपक्षी दलों/विभिन्न संगठनों (सीजेपी) द्वारा लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। सरकार और संबंधित पक्षों के बीच वार्ता के नए दौर से ठीक पहले यह इस्तीफा सामने आया है।

इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का वक्तव्य
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना पत्र साझा करते हुए लिखा:

“मेरे युवा साथियों, मैं चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के प्रति समर्पित रहा हूँ। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि एक सशक्त और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।”

उन्होंने आगे कहा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते हैं और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश सेवा का अवसर मिलने के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

NEET-UG विवाद और सरकार के कदम
NEET-UG परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि:

कड़े कदम: गड़बड़ी की बात सामने आते ही मामले की जांच तुरंत सीबीआई (CBI) को सौंपी गई थी।

भविष्य की योजना: शुचिता बनाए रखने के लिए आगामी सत्र से इस परीक्षा को CBT (कंप्यूटर आधारित) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

पुनः परीक्षा का सफल आयोजन: केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की पुनः परीक्षा (Re-NEET) सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

“छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे”
प्रयागराज और देश के अन्य हिस्सों में चल रहे आंदोलन पर बात करते हुए उन्होंने कहा:

“मैंने पहले ही दिन से इस घटनाक्रम की जिम्मेदारी ली और कभी इससे पीछे नहीं हटने का प्रयास किया। हमारा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की भेंट न चढ़े। हाल ही में जारी परिणामों में कई गरीब व मेधावी छात्रों को सफलता मिली है, जो हमारी पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी https://ctnews.in/indias-foreign-exchange-reserves-increased-to-676-23-billion-dollars-latest-rbi-data-released/ https://ctnews.in/indias-foreign-exchange-reserves-increased-to-676-23-billion-dollars-latest-rbi-data-released/#respond Sat, 25 Jul 2026 07:22:30 +0000 https://rantraibaar.in/indias-foreign-exchange-reserves-increased-to-676-23-billion-dollars-latest-rbi-data-released/

फॉरेक्स रिजर्व में 1.08 अरब डॉलर का इजाफा

नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 1.08 अरब डॉलर बढ़कर 676.237 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़ोतरी भारत की आर्थिक मजबूती और बाहरी भुगतान क्षमता के लिए सकारात्मक संकेत है।

आरबीआई द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में हुई वृद्धि रही। समीक्षाधीन सप्ताह में यह घटक 4.549 अरब डॉलर बढ़कर 551.057 अरब डॉलर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिनके विनिमय दर में बदलाव का असर कुल भंडार पर पड़ता है।

हालांकि, इसी अवधि में देश के स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) के मूल्य में कमी दर्ज की गई। आरबीआई के अनुसार, गोल्ड रिजर्व 3.48 अरब डॉलर घटकर 101.749 अरब डॉलर रह गया। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (SDR) में 44 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की आरक्षित स्थिति 32 मिलियन डॉलर घटकर 4.761 अरब डॉलर रह गई।

इस वर्ष फरवरी के अंत में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण इसमें गिरावट देखने को मिली। उस दौरान रुपये पर दबाव कम करने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करते हुए डॉलर की बिक्री भी की थी।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, मौजूदा स्तर पर विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत बने रहना भारत की आयात क्षमता, रुपये की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता को मजबूती प्रदान करता है।

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पेपर लीक आंदोलन में पहुंचे उत्तराखंड पुलिस के सिपाही , पुलिस महकमे में मची हलचल https://ctnews.in/uttarakhand-police-constables-reached-the-paper-leak-movement-there-was-a-stir-in-the-police-department/ https://ctnews.in/uttarakhand-police-constables-reached-the-paper-leak-movement-there-was-a-stir-in-the-police-department/#respond Fri, 24 Jul 2026 10:45:19 +0000 https://rantraibaar.in/uttarakhand-police-constables-reached-the-paper-leak-movement-there-was-a-stir-in-the-police-department/

नई दिल्ली/देहरादून: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच उत्तराखंड पुलिस के एक सिपाही के प्रदर्शनस्थल पर पहुँचने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शेर सिंह नाम का यह सिपाही वर्दी में ही जंतर-मंतर पहुँचा और आंदोलनकारी युवाओं के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी।

युवाओं को संबोधित करते हुए सिपाही शेर सिंह ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर लाठियाँ खा रहा है, ऐसे में देश का विकास कैसे संभव है? उन्होंने दावा किया कि यदि युवाओं के साथ अन्याय बंद नहीं हुआ, तो उत्तराखंड पुलिस के सैकड़ों जवान अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर इस आंदोलन में शामिल होने के लिए तैयार हैं।

आंदोलन के दौरान शेर सिंह ने अपने आक्रोश को साझा करा। सिपाही के इस कदम और दिए गए बयानों के बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन अब इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए आगे की स्थिति और विभागीय कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।

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असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत https://ctnews.in/rain-became-a-disaster-in-assam-10-people-died-in-24-hours/ https://ctnews.in/rain-became-a-disaster-in-assam-10-people-died-in-24-hours/#respond Thu, 23 Jul 2026 06:35:04 +0000 https://rantraibaar.in/rain-became-a-disaster-in-assam-10-people-died-in-24-hours/

असम के 11 जिलों में बाढ़ का संकट गहराया

असम। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। राज्य के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में गांव जलमग्न हो गए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान बारिश और बाढ़ से 10 लोगों की मौत दर्ज की गई, जिसके बाद इस वर्ष बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

बुधवार शाम जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने बाढ़ की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों की स्थिति पर चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा राहत, बचाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का भी आकलन किया गया।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक, राज्य के 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हालात से निपटने के लिए सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। दूर-दराज के बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री और दवाइयां पहुंचाने के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।

इस बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर समेत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

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विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण https://ctnews.in/initiative-to-provide-overseas-employment-gains-momentum-japanese-delegation-visits-regional-employment-office-and-doon-university/ https://ctnews.in/initiative-to-provide-overseas-employment-gains-momentum-japanese-delegation-visits-regional-employment-office-and-doon-university/#respond Wed, 22 Jul 2026 03:35:01 +0000 https://ctnews.in/?p=59052

उत्तराखंड  /  देहरादून :   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य के युवाओं को विदेश में सीधे रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तराखंड सरकार की मुहिम तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से मंगलवार को जापान के आए प्रतिनिधि मंडल ने सर्वे चौक, देहरादून स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। यह सभी प्रतिनिधिमंडल अनाडुकी ग्लोबल करियर कंपनी लिमिटेड, जापान से हैं। जिसमें हिदेतारो उसुई, सुश्री माई इकुता एवं सुश्री मिहोको मात्सुमोतो शामिल हैं।

जापानी प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा उत्तराखण्ड और जापान के मध्य कौशल विकास, जापानी भाषा प्रशिक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय रोजगार सहयोग को नई गति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा युवाओं को दिए जा रहे भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अवलोकन किया तथा जाना कि उत्तराखण्ड सरकार किस प्रकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार कर रही है। साथ ही, उन्होंने उन क्षेत्रों की संभावनाओं का अध्ययन किया जिनमें उत्तराखण्ड के युवाओं को जापान में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में भ्रमण के दौरान किया छात्रों से भी किया संवाद

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में भ्रमण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन और वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत जापानी भाषा सीख रहे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों से संवाद किया तथा उनके जापानी भाषा, तकनीकी दक्षता एवं रोजगार संबंधी तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधियों ने छात्रों को जापानी भाषा के सही उच्चारण, व्यावहारिक संवाद और कॉरपोरेट एथिक्स की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने जापान की कार्य संस्कृति से छात्रों को अवगत कराया।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समय जापान में आईटी, हॉस्पिटैलिटी, इंजीनियरिंग, केयरगिविंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कुशल और जापानी भाषा जानने वाले युवाओं की आवश्यकता है।

इस अवसर पर मौजूद निदेशक सेवायोजन नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति एवं रोजगार संबंधी आवश्यक कौशल भी प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों का उत्तराखंड आगमन राज्य के युवाओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जिससे उन्हें विदेशों में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

दून विश्वविद्यालय में भाषा की बारीकियों के साथ वर्क कल्चर पर हुई चर्चा

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय का भ्रमण कर जापानी भाषा विभाग के प्राध्यापकों एवं प्लेसमेंट प्रभारियों के साथ बैठक की। बैठक में जापानी भाषा शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं रोजगारोन्मुख बनाने, शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के लिए जापान में उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जापान में सफल करियर के लिए भाषा के ज्ञान के साथ जापान की कार्य संस्कृति, सामाजिक व्यवहार, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी आवश्यक है। साथ ही, दोनों पक्षों के बीच भविष्य में भी शैक्षणिक एवं कौशल विकास संबंधी सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी।

इस अवसर पर मौजूद मुख्यमंत्री के अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य युवाओं को देश के साथ विदेशों में भी रोजगार देने का कार्य निरंतर जारी है।उन्होंने कहा कि जापान सहित विभिन्न देशों के साथ स्थापित हो रहा यह सहयोग उत्तराखण्ड के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार और करियर के नए द्वार खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्री मनमोहन मैनाली ने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई है। उन्होंने कहा शिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में आगे भी कार्य किया जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड के युवा वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें और उन्हें विदेशों में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

इस अवसर पर उपनिदेशक श्रीमती चंद्रकांता, नोडल अधिकारी सुश्री विनीता बड़ोनी, Learnet Skills के स्टेट हेड रमेश पेटवाल, दून विश्वविद्यालय से जापानी भाषा की असिस्टैंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका भाटिया, प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डॉ. स्वाति बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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नागालैंड के मोन जिले में बारिश बनी आफत, बाढ़-भूस्खलन से 9 की मौत https://ctnews.in/9-killed-due-to-rain-flood/ https://ctnews.in/9-killed-due-to-rain-flood/#respond Tue, 21 Jul 2026 07:17:29 +0000 https://rantraibaar.in/9-killed-due-to-rain-flood/

7 हजार से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

मोन। नागालैंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मोन जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं और प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

राज्य सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को मलबे से पांच और शव बरामद किए गए, जिसके बाद इस आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या नौ हो गई। वहीं चार लोगों की तलाश अब भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि खोज एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सड़कों, पुलों, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक करीब 7,460 लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं।

नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के अनुसार, मोन जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। यहां भूस्खलन की कई घटनाओं में नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें मोन टाउन के शांतम वार्ड में हुई पांच मौतें शामिल हैं। वहीं नागिनीमोरा क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ में बह गए चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आई हैं।

प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, राज्य के 10 जिलों के 93 गांवों में कम से कम 64 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है।

आपदा का असर पशुधन पर भी पड़ा है। अब तक 83 से अधिक मवेशियों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें मिथुन, गाय-बैल और सुअर शामिल हैं।

शमाटोर, तुएनसांग और जुन्हेबोटो जिले भी इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। शमाटोर के छह गांवों में लगभग 7,000 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि तुएनसांग के 12 गांवों में 201 लोगों पर इसका असर पड़ा है। जुन्हेबोटो जिले के करीब 30 गांव भी भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

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सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन तेज, अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल का किया ऐलान https://ctnews.in/agitation-intensifies-after-sonam-wangchuk-was-taken-to-hospital-abhijeet-deepke-announces-hunger-strike/ https://ctnews.in/agitation-intensifies-after-sonam-wangchuk-was-taken-to-hospital-abhijeet-deepke-announces-hunger-strike/#respond Sat, 18 Jul 2026 07:02:25 +0000 https://rantraibaar.in/agitation-intensifies-after-sonam-wangchuk-was-taken-to-hospital-abhijeet-deepke-announces-hunger-strike/

अभिजीत दीपके ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ अभियान तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। उन्होंने देशभर के लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाया गया और इस दौरान उनके साथ भी पुलिस ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के प्रयास सफल नहीं होंगे और प्रदर्शन पहले की तरह जारी रहेगा। दीपके ने कहा कि पहले उनकी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, लेकिन अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग करेंगे।

दीपके का दावा है कि जब उन्हें सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की जानकारी मिली और वह जंतर-मंतर पहुंचने लगे, तब रास्ते में पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। नई दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप की गई। पुलिस के अनुसार, पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई और प्रदर्शनकारियों से भी संयम बनाए रखने की अपील की गई।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सोनम वांगचुक फिलहाल सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि उनकी सहमति और निजी चिकित्सक की सलाह के बिना वांगचुक को कोई दवा या उपचार नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी अनुमति के बिना कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने और उसके बाद सामने आए आरोप-प्रत्यारोप के बीच जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब और अधिक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ अभियान पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बड़ा संकेत, 2029 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के दिए संकेत https://ctnews.in/jharkhand-finance-minister-radhakrishna-kishore-drops-a-major-hint-signals-he-will-not-contest-the-2029-assembly-elections/ https://ctnews.in/jharkhand-finance-minister-radhakrishna-kishore-drops-a-major-hint-signals-he-will-not-contest-the-2029-assembly-elections/#respond Sun, 12 Jul 2026 17:47:15 +0000 https://ctnews.in/?p=58974

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा वर्ष 2029 का विधानसभा चुनाव लड़ने की नहीं है। लंबे राजनीतिक जीवन के बाद अब वह सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाकर समाजसेवा, लेखन और देशभर की यात्रा करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की इच्छा और पार्टी की जरूरतों के अनुरूप ही लिया जाएगा।

हाल ही में अपनी सरकारी सुरक्षा वापस किए जाने को लेकर चर्चा में रहे राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उन्होंने राजनीति में लंबा समय बिताया है और अब जीवन के अगले चरण में समाज के लिए दूसरे तरीकों से योगदान देने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने की उनकी व्यक्तिगत इच्छा नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी यदि उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपती है तो वह परिस्थितियों के अनुसार उस पर विचार करेंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi या अन्य शीर्ष नेतृत्व उन्हें किसी नई भूमिका के लिए कहता है, तो वह उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए उचित निर्णय लेंगे। फिलहाल उनकी प्राथमिकता चुनावी राजनीति से अलग होकर सामाजिक और बौद्धिक कार्यों में सक्रिय होने की है।

राधाकृष्ण किशोर ने अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि वह मात्र 25 वर्ष की उम्र में पहली बार विधायक बने थे। वर्ष 2029 तक उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा लगभग 50 वर्ष पूरी कर लेगी। उनका मानना है कि इतने लंबे अनुभव के बाद अब समय आ गया है कि वह अपने अनुभवों को लेखन और सामाजिक विमर्श के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं।

उन्होंने वर्तमान राजनीतिक माहौल पर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार आज देश में धर्म और जाति के आधार पर वोट बैंक की राजनीति लगातार बढ़ रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह इस विषय पर विस्तार से लिखना चाहते हैं कि पहचान आधारित राजनीति किस प्रकार लोकतंत्र और समाज पर प्रभाव डाल रही है।

वित्त मंत्री ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई लोग सामाजिक, आर्थिक या अन्य मजबूरियों के कारण अपना धर्म बदलते हैं। ऐसे मामलों के पीछे मौजूद वास्तविक परिस्थितियों और कारणों का गंभीर अध्ययन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि केवल राजनीतिक बहस से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि तथ्यों और शोध के आधार पर समाज के सामने वास्तविक तस्वीर रखी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि वह सक्रिय चुनावी राजनीति से अलग होते हैं तो अपना अधिक समय लेखन, सामाजिक अध्ययन, जनसेवा और देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा में लगाना चाहेंगे, ताकि अपने अनुभवों के आधार पर समाज और लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक योगदान दे सकें।

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पटना: बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर को शत्रुघ्न सिन्हा का समर्थन, युवाओं से की खास अपील https://ctnews.in/patna-shatrughan-sinha-extends-support-to-prashant-kishor-in-bankipur-by-election-makes-a-special-appeal-to-the-youth/ https://ctnews.in/patna-shatrughan-sinha-extends-support-to-prashant-kishor-in-bankipur-by-election-makes-a-special-appeal-to-the-youth/#respond Wed, 08 Jul 2026 17:07:00 +0000 https://ctnews.in/?p=58937

पटना: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से अपने चुनावी सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस बीच शत्रुघ्न सिन्हा ने उन्हें खुला समर्थन देते हुए मतदाताओं से जाति, धर्म और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर मतदान करने की अपील की है।

पटना साहिब से पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रशांत किशोर के बांकीपुर उपचुनाव लड़ने के फैसले को बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर दूरदर्शी सोच रखने वाले, सक्षम और प्रभावशाली नेता हैं, जिन्हें देशभर में व्यापक पहचान और सम्मान प्राप्त है।

सिन्हा ने कहा कि प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने से बिहार की राजनीति में नया उत्साह पैदा हुआ है और इसने राष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे जाति, धर्म और दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर राज्य के बेहतर भविष्य के लिए मतदान करें। अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा, “एकता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मेरी उम्मीद, इच्छा और प्रार्थना है कि आम लोग, विशेषकर युवा, सभी सामाजिक और राजनीतिक विभाजनों से ऊपर उठकर उनका समर्थन करेंगे। जय बिहार, जय हिंद।”

30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर पहली बार किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उतरेंगे। जन सुराज ने इस चुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत और जनाधार की महत्वपूर्ण परीक्षा माना है।

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