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किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर ऊर्जा निगम कार्यालय पर पहुंचकर शहरी और ग्रामीण अधिशासी अभियंता का घेराव किया।

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भारतीय किसान यूनियन (रोड) गुट के नेतृत्व में किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर ऊर्जा निगम कार्यालय पर पहुंचकर शहरी और ग्रामीण अधिशासी अभियंता का घेराव किया। साथ ही ऊर्जा निगम के खिलाफ नारेबाजी कर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो और पांच हजार रुपये के बकाये पर भी किसानों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में लाखों रुपये के बकायेदारों के कनेक्शन चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों का शोषण बंद नहीं किया गया तो कार्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

बुधवार को भारतीय किसान यूनियन रोड गुट के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ के नेतृत्व में किसान नहर किनारे स्थित प्रशासनिक भवन पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने बैठक कर किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आचार संहिता लगने के बावजूद ऊर्जा निगम लगातार किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। किसानों को पहले तो बढ़ाकर बिल भेजे जा रहे हैं फिर उसे जमा नहीं करने पर उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। यहां तक कि किसानों पर बिजली चोरी के केस तक दर्ज करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान तभी पैसे जमा कर सकता है जब उसकी फसलें बिक जाएं।

अधिकतर किसान गन्ना उगाते हैं, मिल उनका भुगतान नहीं कर रही है। ऐसे में वे कैसे बिजली का बिल समय पर जमा करवा सकते हैं। इस दौरान किसानों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सभी किसान एकत्र होकर ऊर्जा निगम के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एक साथ शहरी अधिशासी अभियंता नंदिता अग्रवाल और ग्रामीण अधिशासी अभियंता अमित आनंद का घेराव किया। उन्होंने अधिकारियों पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।

जिलाध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों में ऊर्जा निगम के खिलाफ रोष पनपने लगा है। मार्च महीना शुरू होते ही अधिकारी सबसे पहले किसानों के घरों पर छापा मारना शुरू कर देते हैं। बकाये के नाम पर किसानों के घरेलू और ट्यूूबवेल के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। ये वे किसान हैं जिनके पास निगम का दो से लेकर पांच या दस हजार का बकाया है जबकि निगम लाखों रुपये के बकायेदारों पर कार्रवाई नहीं करता।

न ही उनके कनेक्शन काटता है। किसान के पास जैसे भी गन्ना भुगतान आता है वे सबसे पहले सरकारी पैसा जमा करवाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष मुबारक अली, युवा जिलाध्यक्ष संजीव कुशवाह, अनीस अहमद, कारी शहजाद, जावेद अली, रामदास, हसन अली, राजवीर, सोनू, पवन, प्रदीप त्यागी, जितेंद्र सिंह, शहीद अहमद, इसरार अहमद, आरिफ आदि मौजूद रहे।

समिति पर भी किया प्रदर्शन
भाकियू रोड़ गुट के नेतृत्व में किसानों ने बुधवार को ऊर्जा निगम कार्यालय के बाद इकबालपुर सहकारी गन्ना विकास समिति की ओर रुख किया। वहां पहुंचकर किसानों ने पहले समिति परिसर में धरना दिया और प्रदर्शन किया। किसानों ने समय पर पर्चियां नहीं आने और तौल केंद्रों पर घटतौली की समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। किसानों का कहना था कि समिति सचिव का काम किसानों तक समय पर पर्चियां पहुंचाना है लेकिन वे अपना काम सही ढंग से नहीं कर रहे हैं।

किसानों को अपना गन्ना मिल में उधार देना पड़ता है। इसके बावजूद किसानों को समय से पर्चियां नहीं मिल रही हैं। पर्चियों के अभाव में किसानों का अधिकतर गन्ना खेतों में ही खड़ा हुआ है। अब मार्च शुरू होने पर गन्ना छिलाई के लिए मजदूर तक नहीं मिल रहे हैं। ऐेसे में किसानों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं क्षेत्र में तौल केंद्रों पर भी किसानों ने घटतौली किए जाने का आरोप लगाया।

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