Sunday, June 26, 2022
Home उत्तराखंड प्रीतम के वार पर हरीश का पलटवार: कहा- मैं तो चुनाव ही...

प्रीतम के वार पर हरीश का पलटवार: कहा- मैं तो चुनाव ही नहीं लड़ना चाहता था

देहरादून। 

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की ओर से उठाए गए सवालों का पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सधे हुए शब्दों, लेकिन तेवर के साथ जवाब दिया है। हरीश रावत ने कहा कि वह पहले ही सभी उम्मीदवारों की हार का उत्तरदायित्व अपने सिर ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी को मुझ पर गुस्सा निकालने, खरी खोटी सुनाने का पूर हक है। उन्होंने कहा कि प्रीतम सिंह ने एक बहुत सटीक बात कही कि आप जब तक किसी क्षेत्र में पांच साल काम नहीं करेंगे तो आपको वहां चुनाव लड़ने नहीं पहुंचना चाहिए। फसल कोई बोये काटने कोई और पहुंच जाए। मैं भी मानता हूं कि यह उचित नहीं है। हरीश रावत ने कहा कि वह बार-बार इस बात पर जोर दे रहे थे कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।

मुहूर्त निकालकर नामांकन का समय व तिथि भी कर दी थी घोषित 
जबकि स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में सदस्यों की राय थी कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए, नहीं तो इससे संदेश अच्छा नहीं जाएगा। इस सुझाव के बाद उन्होंने रामनगर से चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की। रामनगर उनके लिए नया क्षेत्र नहीं था। वर्ष 2017 में वे वहीं से चुनाव लड़ना चाहता थे। इस बार भी पार्टी ने जब रामनगर से उन्हें चुनाव लड़ाने का फैसला किया तो रामनगर से उम्मीदवारी कर रहे व्यक्ति को सल्ट से उम्मीदवार घोषित किया।

सल्ट उनका स्वाभाविक क्षेत्र था और पार्टी की सरकारों ने वहां ढेर सारे विकास के कार्य करवाए थे। हरीश ने कहा कि रामनगर से चुनाव लड़ाने का फैसला पार्टी का था। इसके बाद जब उन्हें रामनगर के बजाय लालकुआं भेजा गया तो यह फैसला भी पार्टी का ही था। उन्होंने तो रामनगर में कार्यालय भी चयनित कर लिया था। मुहूर्त निकालकर नामांकन का समय व तिथि घोषित भी कर दी थी। जब वह रामनगर के रास्ते में थे, तभी उन्हें सूचना दी गई कि वह रामनगर नहीं लालकुआं से चुनाव लड़ेंगे। यह भी पार्टी का सामूहिक फैसला था। उन्होंने न चाहते हुए भी फैसले को स्वीकार किया। हरीश ने कहा कि लालकुआं पहुंचने पर उन्हें लग गया था कि परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं हैं।

उन्होंने इस बारे में अपने लोगों से परामर्श किया और अगले दिन यानि 27 फरवरी को नामांकन न करने का फैसला लिया। इसकी सूचना पार्टी प्रभारी को भी दी गई। इसके बाद उन्होंने कहा कि यदि वह ऐसा करते हैं तो इससे पार्टी की स्थिति बहुत खराब हो जाएगी। इसके बाद उन्होंने न चाहते हुए भी 27 तारीख को नामांकन किया। हरीश ने कहा कि वह प्रीतम सिंह की बात से सहमत हैं, लेकिन यदि वह सार्वजनिक बहस के बजाए, पार्टी के अंदर विचार मंथन करेंगे तो उन्हें ज्यादा अच्छा लगेगा।

मुस्लिम यूनिवर्सिटी की मांग करने वाले को किसने पदाधिकारी बनाया, यह जांच का विषय है….
हरीश रावत ने कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तथाकथित मांग करने वाले व्यक्ति को पदाधिकारी बनाने का फैसला किसका था, इसकी जांच होनी चाहिए। उनका उस व्यक्ति के नामांकन से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। क्योंकि वह व्यक्ति कभी भी राजनीतिक रूप से उनके नजदीक नहीं रहा। उस व्यक्ति को राजनीतिक रूप से उपकृत करने वालों को भी सब लोग जानते हैं। उसे किसने सचिव बनाया, फिर महासचिव बनाया और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में उसे किसका समर्थन हासिल था। यह तथ्य सबको ज्ञात है। उस व्यक्ति के विवादास्पद मूर्खतापूर्ण बयान के बाद मचे बवाल के दौरान उसे हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा का प्रभारी बनाने में किसका हाथ था, यह भी अपने आप में जांच का विषय है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ मंच पर विराजमान होकर कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

उत्तराखंड, गुजरात  आज केवड़िया (गुजरात) में दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस ऑफ मिनिस्टर्स ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स का दूसरा और आखिरी दिन था। अपरान्ह के...

इंडियन ऑयल ने लॉन्च किया सौर चूल्हा , अब खाना पकाना होगा बेहद सस्ता, जानिए इसकी खासियत

New दिल्ली; भारत की प्रमुख तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने बुधवार को घर के अंदर इस्तेमाल किया जाने वाला सौर चूल्हा पेश किया,...

CM धामी ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, 27 लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को किया सम्मानित

 उत्तराखंड,  देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बिगवाड़ा स्थित पार्टी कार्यालय पहुॅचकर ’’आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा हेतु संघर्ष करने एंव...

ससुर ने निभाया पिता का फर्ज, बेटे की मौत के बाद करवाई विधवा बहू की दूसरी शादी

ऋषिकेश ; जिसे कभी बहू बनाकर अपने घर लाए थे, उसे बेटी बनाकर विदा किया। ऐसे उदाहरण समाज में कम ही देखने को मिलते हैं।...

अभद्रता और मारपीट जैसी घटना होने पर चुप न रहे पर्यटक, शिकायत दर्ज कराएं

Rishikesh ; मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में राफ्टिंग गाइडों और हेल्परों के पर्यटक के साथ मारपीट करने के कई मामले मामला सामने आए। कुछ मामले में...

आपदा प्रबंधन में मीडिया की भूमिका पर कार्यशाला आयोजित हुई।

आपदा के दौरान मीडिया की होती है अहम भूमिका इस अवसर पर अपर सचिव आपदा प्रबंधन आनन्द श्रीवास्तव ने कहा कि मीडिया की भूमिका आपदा...

……दूरस्थ क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा का प्रचार-प्रसार कर रहा यूसर्क

Tehri Garhwal; विश्वविद्यालय और कालेजों में कार्यरत शिक्षकों में गणितीय प्रतिभा का विकास करने के लिए यहां जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित 13...