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अगर आप चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं तो फर्जी ट्रेवल एजेंटों से रहें सावधान।

उत्तराखंड :

चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों की संख्या अब बढ़ने लगी है। यात्रियों की भीड़ उमड़ने पर वाहनों की बुकिंग फुल हो जाती है। चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों की संख्या अब बढ़ने लगी है। इस दौरान आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन, पार्किंग के आसपास फर्जी ट्रेवल एजेंट सक्रिय हो जाते हैं।

शातिर फर्जी ट्रेवल एजेंट कन्फर्म बुकिंग का भरोसा देकर यात्रियों से रुपये ठग लेते हैं। चारधाम यात्रा के पूरे सीजन के दौरान ठगी की ऐसी दर्जनों घटनाएं होती हैं। अगर आप भी चारधाम यात्रा आ रहे हैं तो ऋषिकेश में फर्जी ट्रेवल एजेंटों से सावधान रहें।

चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ यात्रा पर जाने वाले वाहनों की कमी होने लगती है। ऐसे में बुकिंग फुल होने से श्रद्धालुओं को यात्रा पर जाने के लिए वाहन नहीं मिल पाता है। फर्जी ट्रेवल एजेंट अधिकांश आईएसबीटी स्थित पंजीकरण केंद्र, रेलवे स्टेशन, बाजारों, पार्किंग के आसपास मंडराते रहते हैं।

बुकिंग का नाटक कर जीतते हैं भरोसा
पुलिस को शक न हो इसलिए यह एक सामान्य यात्री की तरह व्यवहार करते हैं। फर्जी ट्रेवल एजेंट बुकिंग न होने से परेशान यात्रियों के हावभाव को भांप लेते हैं। ये फर्जी ट्रेवल एजेंट यात्रियों को वाहन बुक करने का पूरा भरोसा दिलाते हैं। कई बार यह अपने साथियों को फोन कर यात्रियों की बुकिंग का नाटक कर उनका भरोसा जीत लेते हैं। यहीं यात्री गलती कर बैठता है। फर्जी एजेंट वाहन बुक करने के लिए एडवांस मांगता है और यात्री असुविधा से बचने के लिए उसको रुपये भी दे देता है, लेकिन जब फर्जी एजेंट एडवांस लेकर रफूचक्कर हो जाता है तो यात्री ठगे जाने का एहसास होता है। कई बार तो ठगी के मामले कोतवाली और थानों तक भी नहीं पहुंचते हैं।

ठगी से ऐसे बचें यात्री

– परिवहन विभाग में पंजीकृत कंपनी से वाहन की बुकिंग कराएं।
– बुकिंग फुल होने पर परेशान न हों।
– अगर वाहन की बुकिंग में समस्या आ रही है तो यात्रा बस अड्डे स्थित चारधाम यात्रा रोटेशन संचालन समिति के कार्यालय में संपर्क करें
– अगर कोई ट्रेवल एजेंट बुकिंग करने की बात कहता है तो उसको टूर एंड ट्रेवल एजेंसी पंजीकरण दिखाने के लिए कहे
– पंजीकरण की पुष्टि होने के बाद कार्यालय में भुगतान करें।
– कोई ट्रेवल एजेंट अनावश्यक परेशान करता है, ज्यादा किराया मांगता है या बीच रास्ते में उतार देता है तो इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दें।

अधिकारियों का कहना है 

ट्रेवल एजेंसी के संचालन के लिए पंजीकरण आवश्यक है। गैर पंजीकृत एजेंसी चलाने और फर्जी बुकिंग करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। इसमें अधिकतम 25 हजार के जुर्माने और छह साल के कारावास का प्रावधान है।
मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रवर्तन, ऋषिकेशबस अड्डे, रेलवे स्टेशन और पार्किंग स्थलों के आसपास घूमने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जाती है। अनाउंसमेंट कराकर यात्रियों को ठगों और चोरों से सावधान रहने के लिए जागरूक किया जाता है।  रवि सैनी, कोतवाल, ऋषिकेश 

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