राष्ट्रीय

हमारा संकल्प है कोई भी गरीब धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे : मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री चौहान ने किया देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस का भूमि-पूजन ,
केन्द्रीय मंत्री तोमर और सिंधिया सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण हुए शामिल

 मध्य-प्रदेश :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारा संकल्प है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब बिना इलाज के नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना में सरकार जरूरतमंद गरीब मरीज का 5 लाख रूपए तक का नि:शुल्क इलाज निजी अस्पतालों में भी करा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में कई अस्पतालों का लोकार्पण और शिलान्यास राष्ट्रपति जी द्वारा होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान रविवार को ग्वालियर में देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एवं अस्पताल के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ग्वालियर-चंबल संभाग को नई दिशा देगा। साथ ही परोपकार की भावना के साथ ग्वालियर-चंबल संभाग सहित आस-पास के अन्य क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया करायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी शुभकामनाएँ हैं कि यहाँ से पढ़कर निकले विद्यार्थी अच्छे डॉक्टर बनें। उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल शुरू करने के लिये करन सिंह किरार के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपने पुत्र स्व. देवराज की स्मृति को चिर-स्थायी बनाने के लिये अस्पताल खोल कर जन-सेवा का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्वालियर की पवित्र धरती पर हम संकल्प लेते हैं कि ग्वालियर-चंबल संभाग के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। आजादी के अमृत महोत्सव की पुण्य-बेला में ग्वालियर के विकास के लिये स्वर्णिम काल चल रहा है। यहाँ जल्द ही एक हजार बिस्तर का अस्पताल शुरू होगा। साथ ही एलीवेटेड रोड, अत्याधुनिक एयरपोर्ट, केन्द्रीय स्तर की कृषि संस्थाएँ और अन्य विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे हैं। मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि सभी के लिए रोटी, कपड़ा, पढ़ाई, लिखाई और रोजगार का इंतजाम हो।

महिला सशक्तिकरण का उत्तम उदाहरण है यह संस्थान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस महिला सशक्तिकरण का एक उत्तम उदाहरण बनने जा रहा है। खुशी की बात है कि संस्थान की चेयरमेन श्रीमती शरवती किरार, सचिव श्रीमती डॉ. सलोनी सिंह धाकड़ और कोषाध्यक्ष श्रीमती साक्षी किरार हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारा हमेशा विश्वास रहा है कि बेटियाँ अस्पताल ही नहीं सारी दुनिया चला सकती हैं। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान सहित अन्य अतिथियों ने कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इंस्टीट्यूट का भूमि-पूजन किया।

प्रदेश में मेडिकल सुविधाओं का लगातार हो रहा है विस्तार: केन्द्रीय मंत्री तोमर

केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारे देश और राज्य में बड़ी आबादी है, जिसे शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराना एक बड़ी चुनौती है। केन्द्र और राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर मेडिकल सुविधाएँ जुटाने का काम किया है। साथ ही निजी क्षेत्र एवं स्वयंसेवी संस्थाएँ भी चिकित्सा सेवाएँ देने में अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में इस काम को सफलता से आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूर्व से स्थापित मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के उन्नयन के साथ सागर में मेडिकल कॉलेज खोला है। रतलाम और प्रदेश के अन्य जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर के लिये आज ऐतिहासिक दिन है। निजी क्षेत्र में देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस की नींव रखी गई है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि यह नया स्वास्थ्य प्रतिष्ठान ग्वालियर के गौरव को और आगे बढ़ायेगा।

हवाई सेवाओं के विस्तार से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में मिलेगी मदद : केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान की पहल पर ग्वालियर सहित समूचे प्रदेश को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। दिल्ली, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के लिये 3 जून से नई फ्लाइट शुरू होने जा रही हैं। साथ ही तीन दिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के लिये भी फ्लाइट उपलब्ध होगी। बेहतर हवाई सेवा का लाभ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी मिलेगा। जरूरत पड़ने पर देश के अन्य शहरों से विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए जा सकेंगे। उन्होंने आशा जताई कि इंस्टीट्यूट जीवन दाता के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि शायद यह पहला मेडिकल संस्थान है, जिसके संचालन की सम्पूर्ण बागडोर महिलाओं के हाथ में है। सिंधिया ने कहा कि हमारी संस्कृति में पहला देवता चिकित्सक, दूसरा ज्ञानदाता शिक्षक और तीसरा देवता अन्नदाता माना जाता है। हमारे देश के अन्नदाता अपने देश का ही नहीं दुनिया का पेट भी भर रहे हैं।

डीआईएमएस की सचिव डॉ. सलोनी सिंह धाकड़ ने स्वागत उदबोधन दिया और कोषाध्यक्ष श्रीमती साक्षी सिंह किरार ने आभार माना।

अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा मुहैया करायेगा डीआईएमएस

देवराज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस 780 बेडेड होगा, जिसमें आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। अस्पताल प्रथम चरण में 300 बिस्तरों के साथ शुरू होगा। दूसरे चरण में भी 350 बिस्तरों के साथ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटों पर पढ़ाई प्रारंभ होगी। साथ ही अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर, जनरल एवं प्राइवेट वार्ड, कैंसर, न्यूरो एवं अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज की यूनिट, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास सहित अत्याधुनिक हॉस्पिटल के लिये जरूरी सभी तरह की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

भूमि-पूजन समारोह में ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री  ओपीएस भदौरिया, लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेश धाकड़, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, बीज एवं फार्म विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल, मुख्यमंत्री चौहान की धर्मपत्नी एवं किरार समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष (शहर) कमल माखीजानी एवं डीआईएमएस की चेयरमेन श्रीमती शरबती सिंह भी उपस्थित रहे।

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