Sunday, June 26, 2022
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कोटद्वार में अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी, तोड़े 49 अवैध निर्माण

 उत्तराखंड Kotdwar

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर कोटद्वार में नगर निगम और प्रशासन ने हाईवे पर फुटपाथ व नगर निगम की नजूल भूमि पर स्थित भवनों पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाया। बदरीनाथ मार्ग और नजीबाबाद रोड पर करीब 6 घंटे तक चले अभियान मेें नगर निगम की 3 जेसीबी ने 49 अतिक्रमणों को ध्वस्त किया, जबकि तीन अतिक्रमणकारियों को दो दिन की मोहलत दी गई है। इस दौरान लालबत्ती चौक से लेकर बदरीनाथ रोड तहसील तक की बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया गया। वहीं संचार सेवा भी प्रभावित रही।

बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे जिले के विभिन्न थानों से बुलाई गई पुलिस फोर्स मालवीय उद्यान में एकत्र हुई। इसके बाद एसडीएम प्रमोद कुमार, नगर आयुक्त केएस नेगी और सीओ जीआर कोहली के नेतृत्व में पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीम ने 3 जेसीबी के साथ चिह्नित अतिक्रमण को तोड़ना शुरू किया। सबसे पहले बदरीनाथ मार्ग के अतिक्रमण पर जेसीबी चली। तहसील चौराहे से झंडाचौक तक 3 जेसीबी ने एक साथ अतिक्रमण को तोड़ना शुरू किया। अतिक्रमण पर जेसीबी गरजते ही मौके पर भीड़ जुट गई। पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए लोगों को दूर रखा। इसके बाद लालबत्ती चौक से नजीबाबाद रोड एमटी कैंप तिराहे तक के सभी अतिक्रमण को तोड़ दिया गया। एसडीएम ने अतिक्रमण के ऊपर का हिस्सा ढहाते हुए भवन स्वामियों को नीचे के पिलरों को स्वयं तोड़ने के निर्देश दिए। अतिक्रमण हटाओ अभियान सुबह आठ बजे शुरू होकर दोपहर बाद दो बजे तक चला।

कई व्यापारियों ने किया प्रशासन की कार्रवाई का विरोध
झंडाचौक पर अतिक्रमण हटाने आए नगर आयुक्त और एसडीएम को भवन स्वामियों और व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। व्यापारी अनिल भोला समेत तीन भवन स्वामियों ने कहा कि बुधवार शाम को ही उन्हें नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने का नोटिस मिला है। ऐसे में उन्हें अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए समय मिलना चाहिए। काफी देर तक हुई बहस के बाद नगर आयुक्त ने उन्हें दो दिन का समय दे दिया। इसके अलावा बदरीनाथ मार्ग पर भी कई भवन स्वामियों ने भी उनके भवनों पर जेसीबी चलाने का विरोध किया। एक महिला विरोध करते हुए जेसीबी के सामने आ गई। इस पर महिला पुलिस कर्मियों ने उसे समझा बुझाकर वहां से हटाया। नजीबाबाद रोड पर कई भवन स्वामियों और व्यापारियों ने उन्हें मोहलत देने का आग्रह किया, लेकिन एसडीएम और नगर आयुक्त ने उनकी एक नहीं सुनी। जेसीबी से अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी रहा।

यह है मामला
हाईकोर्ट नैनीताल ने 18 नवंबर, 2020 को कोटद्वार के देवीरोड निवासी मुजीब नैथानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को आठ सप्ताह में हाईवे पर फुटपाथ और नगर निगम की नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। तब दिसंबर, 2020 में नगर निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। इस बीच कई भवन स्वामियों ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नैनीताल हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने को कहा। हाईकोर्ट के आदेश पर एक बार फिर नगर निगम में सुनवाई का दौर चला। सुनवाई के बाद मार्च, 2022 को 52 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए। अतिक्रमणकारी नगर निगम के उक्त नोटिस के खिलाफ फिर से हाईकोर्ट की शरण में गए, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए गत दो जून को कोटद्वार और लैंसडौन के एसडीएम को मजिस्ट्रेट नामित करते निर्देश जारी किए। पिछले तीन दिन से नगर निगम की ओर से हाईवे से अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी की जा रही थी।

कोट
अतिक्रमण हटाओ अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को अतिक्रमण के तहत चिह्नित भवनों के ऊपरी हिस्से को तोड़ा गया है। चिह्नित भवनों के पिलरों को स्वयं तोड़ने के लिए मकान मालिकों को दो दिन का समय दिया गया है। संपूर्ण अतिक्रमण हटने के बाद ही अभियान को बंद किया जाएगा। – प्रमोद कुमार, एसडीएम कोटद्वार।

 

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