ऋषिकेश :
तीर्थनगरी ऋषिकेश में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और टिहरी और पौड़ी को जोड़ने वाला लक्ष्मण झूला पुल की एक सपोटिंग तार रविवार को अचानक टूट गई। जिससे पुल पर होने वाली आवाजाही पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दी गई है। पुल की तार टूटने के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है।
रविवार को लक्ष्मण झूला की तार टूटने से तत्काल प्रभाव से पुल पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। बताया जा रहा है कि यहां बजरंग सेतु नये पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके लिए कंपनी की ओर से भारी भरकम मशीनें मौके पर काम कर रही हैं। मिट्टी उठाने वाली करीब हज़ारो किलो वजनी बकेट से टकराकर पुल का संतुलन बनाने वाली तार रविवार की दोपहर टूट गई। जिससे पुल का संतुलन बिगड़ गया। संभावित खतरे को देखते हुए अब लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। पुल के बंद होने से लक्ष्मण झूला और तपोवन के बीच पैदल संपर्क समाप्त हो गया है।
गौरतलब है कि लक्ष्मण झूला पुल को शासन ने 13 जुलाई 2019 को बंद कर दिया था। स्थानीय नागरिकों की समस्या को देखते हुए इस पर सिर्फ पैदल चलने की आवाजाही की छूट दी गई थी। पास ही नए पुल के निर्माण के आदेश दिए गए थे। पुल के निर्माण के लिए चंडीगढ़ की कंपनी को काम दिया गया था। हालांकि इस निर्माण का टेंडर ही विवादित हो गया था।
अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद अब लक्ष्मण झूला पुल को लोगों की आवाजाही के लिए नहीं खोला जाएगा। बता दें कि लक्ष्मण झूला पुल के ठीक बगल में बजरंग पुल के निर्माण का कार्य भी चल रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में लगी मशीनों की वजह से लक्ष्मण झूला पुल की सपोर्टिंग तार क्षतिग्रस्त होकर टूटी है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अभी इस आरोप से इत्तेफाक नहीं रख रहे हैं। उनका कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही तार टूटने के कारण स्पष्ट किए जाएंगे। वही तार टूटने के दौरान लक्ष्मण झूला पुल पर अचानक लोगों में खलबली मच गई। डर की वजह से लोग झूला पुल को खाली कर एक दूसरे छोर पर पहुंचने लगे। जानकारी मिलते ही मुनी की रेती और लक्ष्मण झूला थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों के मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी पर्यटक और स्थानीय पुल पर आवागमन न करें इसके लिए मौके पर दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।