देहरादून: राजधानी देहरादून में रविवार को गोर्खाली संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गोर्खाली समाज की माताओं और बहनों को हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि तीज केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह माता पार्वती की तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। यह पर्व जीवन में दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।
संस्कृति और नई पीढ़ी के बीच सेतु हैं पारंपरिक पर्व
सीएम धामी ने कहा कि हरितालिका तीज जैसे पारंपरिक उत्सव नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। माताएं और बहनें हमारी लोक परंपराओं, भाषा और संस्कारों की सबसे मजबूत संरक्षक हैं। उनके प्रयासों से सांस्कृतिक विरासत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक निरंतर पहुंच रही है।
गोर्खाली समाज के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने गोर्खाली समाज की वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में गोर्खा वीरों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है। राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की गोर्खा समाज की भावना पर पूरे देश को गर्व है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में भी गोर्खाली समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा, खेल, कला-साहित्य और समाज सेवा समेत अनेक क्षेत्रों में समाज के लोगों ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से प्रदेश की प्रगति में योगदान दिया है।
शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनेगा द्वार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले ‘आजाद हिन्द फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह द्वार गोर्खा समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाने वाला महत्वपूर्ण प्रतीक बनेगा और नई पीढ़ी को उनके बलिदान से परिचित कराएगा।
भारत-नेपाल के रिश्तों को बताया आत्मीय
भारत और नेपाल के संबंधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं हैं। दोनों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने भारत और नेपाल की साझा संस्कृति तथा आपसी आत्मीयता का उल्लेख करते हुए नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपाल के जल्द इस संकट से बाहर निकलने की कामना की।
महिलाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं
महिला सशक्तीकरण को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर भी सरकार का विशेष जोर है। प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो अपने परिवार के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सशक्तीकरण और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
युवाओं से बड़े सपने देखने का आह्वान
सीएम धामी ने युवाओं से कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहते हुए शिक्षा, कौशल और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ें। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि खूब पढ़ें, खूब खेलें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करें।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, श्रीमती गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की अध्यक्ष प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, श्रीमती नेहा जोशी, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, श्रीमती अनुकृति गुसाईं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

